Tag «bewafa dost shayari»

bewafa dost shayari

Bewafa shayri:- कहीं तुम भी न बन जाना-किसी किताब का किरदार, लोग पढ़ते है बड़े शौक से-कहानिया “बेवफाओं” की.. वजह पूछी उदास होने की-जो मैंने गिरगिट से, बोला की शर्त हार गया-“तेरे महबूब से रंग बदलने में”.. “दरमियाँ” हमारे ग़र ताल्लुक ही नहीं तो, अनजान बनकर हम गुज़रते क्यूँ नहीं.. हम बस लिखते हैं-और वो …